प्रदूषण पर निबंध | essay on pollution in hindi

नमस्ते दोस्तों आज हम प्रदूषण पर निबंध हिंदी में Essay On Pollutions In Hindi (pradushan par nibandh) लिखेंगे आज प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। ऐसे में इस विषय पर सरकार की तरफ से भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे है।

प्रदूषण पर निबंध | essay on pollution in hindi
प्रदूषण पर हिंदी निबंध | hindi nibandh on pollution

ऐसे में स्कूल में प्रदूषण पर निबंध लिख वाया जाता है। इसी बात का धयान रखते हुए यहाँ पर उपलब्ध कराए गए निबंध का उपयोग आप अपनी स्कूल में प्रतियोगिता या मे कर सकते है।अगर आपको निबंध चाहिए तो आप निबंध के लिए हमारे Blog का उपयोग कर सकते है। यहां से आपको सभी विषय पर सभी प्रकार के निबंध उपलब्ध कराए जाएंगे।

यहां पर दिए गए निबंध Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के लिए कर सकते है।। चलिए दोस्तों स्टार्ट करते है।।  प्रदूषण पर निबंध | Air Pollution Essay In Hindi

प्रदूषण पर निबंध।Pollutions Essay In Hindi

प्रस्तावना

प्रदूषण आज भारत के लिए ही नहीं अपितु पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। आज प्रदूषण पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। जो कि मानवीय कारणों से ही उत्पन्न हुई है। जैसे-जैसे मानव ने नई नई तकनीक का आविष्कार किया है। जिससे उसके दुष्परिणाम भी सामने आते रहे है।

आज प्रदूषण ने अपने पैर जल वायु और ध्वनि भोजन इन सभी में पसार लिए है। अतः हमें इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि आज हम ना अच्छा खा पा रहे है। ना अच्छे सांस ले पा रहे है। प्रदूषण होने के कारण प्राकृतिक ही नहीं  इसका असर मनुष्य के मानसिक और शाररिक इन सभी में संतुलन बिगड़ गया है।

प्रदूषण के कारण पृथ्वी के ऊपर स्थित ओजोन परत में छेद हो गए है। जो मानव जाति के लिए खतरे का संकेत है। क्योंकि ओजोन परत पृथ्वी पर आने वाली पराबैंगनी किरणों को सोख लेती है। और पृथ्वी पर नहीं पहुंचने देती है। जिससे प्रकृति और मनुष्य जीव जंतु को नुकसान नहीं होता है।

आज दुनिया में प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या उत्पन्न हो गई है। जिसके लिए सभी देश कार्यरत है। ऐसी स्थिति में हमें प्रदूषण को कम करना चाहिए और इससे होने वाले नुकसान और प्रदूषण होने के कारणों की जानकारी होनी चाहिए ताकि हम उस पर नियंत्रण कर सके

प्रदूषण क्या है। ? । what is pollution definition

पर्यावरण में दूषित पदार्थों के प्रवेश से प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है। जिसे हम प्रदूषण कहते है। दूसरे शब्दों में बोले तो प्रकृति के वातावरण में दूषित पदार्थों के प्रवेश करने से वातावरण एवं वहां की जीव जंतु पर दुष्प्रभाव हो तो वह प्रदूषण में आता है।

प्रदूषण के मुख्य प्रकार । Types of pollution

• वायु प्रदूषण: -वायु में अवांछित दूषित सुक्ष्म कणों के मिश्रण को वायु प्रदूषण कहते है। जैसे कार्बन मोनोआक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) जो की  मोटर वाहनों से निकलने वाले नाइट्रोजन आक्साइड जैसे प्रदूषको इसका कारण है। वायु प्रदूषण दुष परिणाम जिसे धूल और मिट्टी के सूक्ष्म कण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचकर कई बीमारियाँ पैदा कर सकते है।।

• जल प्रदूषण:- जल में अवांछित दूषित पदार्थ जैसे फेक्ट्री से निकला रासायनिक जल ,अपशिष्ट पदार्थ क्लोरीन जैसे रासायनिक प्रदूषकों के मिलने से जल प्रदूषण फैलता है।। जल प्रदूषण पौधों और पानी में रहने वाले जीवों के लिए हानिकारक होता है।

• भूमि प्रदूषण:- ठोस कचरे के फैलने और रासायनिक पदार्थों के भूमि में साव के कारण भूमि में प्रदूषण फैलता है।।

• प्रकाश प्रदूषण:- यह अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश के कारण होता है।।

• ध्वनि प्रदूषण:- अत्यधिक शोर जिससे हमारे कार्य करने में बाधा उत्त्पन्न और अप्रिय अनचाही ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण में माना जाता है।

• रेडियोधर्मी प्रदूषण:- परमाणु उर्जा उत्पादन और परमाणु हथियारों के अनुसंधान, निर्माण करने से उत्त्पन्न प्रदूषण

1. वायु प्रदूषण। Essay On air pollution in hindi (vayu pradushan par nibandh in hindi)

वर्तमान समय में सबसे अधिक चिंता का विषय वायु प्रदूषण है। हवा में कार की अवांछित गैस और धूल के कण उपस्थित होते है। जो प्रकृति और मनुष्य के लिए नुकसानदायक होती है। प्रदूषण का मतलब होता है। गंदा होना

वायु में दूषित और अवांछित पदार्थों गैस का मिश्रण जो प्राकृतिक और मनुष्य दोनों के लिए नुकसानदायक हो उसे वायु प्रदूषण कहते है।

प्रदूषण होने का कारण कल कारखानों से निकलने वाला धुआं मोटर गाड़ी से निकलने वाला दुआ आणविक संयंत्र से निकलने वाली गैस तथा धूल के कण इसके अलावा कोयले जलाने से निकलने वाला कार्बन और जंगलों में लगने वाली आग से अत्यधिक प्रदूषण होना

ग्रामीण क्षेत्र में खाना बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले चूल्हा में लकड़ियों का उपयोग किया जाता है। जिसमें अत्यधिक मात्रा में दुआ उत्पन्न होता है। जो वायु में मिल जाता है।

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वायुयान से निकलने वाला धुआं भी अत्यधिक मात्रा में प्रदूषण फैलाता है। सबसे ज्यादा नुकसान वायुयान के आसमान में ही धुआँ छोड़े जाने से हो जाता है। इसके अलावा ट्रेन से भी बहुत ही ज्यादा मात्रा में धुआ निकलता है।

जिसके कारण वायु में उपस्थित लाभकारी सूक्ष्मजीव को नुकसान होता है और उनमे संतुलन बिगड़ता है जिसे  प्रदूषण फैलता है। जोकि काफी नुकसानदायक होता है।

मानव स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण का प्रभाव । effect of air pollution on human health

• वायु प्रदूषण से हवा दूषित होने पर हवा में उपस्थित अवांछित और दूषित गैस के कारण मनुष्य और पशु पक्षियों के अंदर कई तरीके की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जैसे दमा सर्दी खांसी और एलर्जी

• वायु के अधिक प्रदूषित होने से सर्दियों में कोहरा रहता है। और धुए तथा मिट्टी के कणों के कारण यह स्थिति उत्पन्न होती है। कई बार अत्यधिक होने पर स्मोग  की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जिसमें अत्यधिक कोहरा छा जाता है। जिससे दिखाई देने में कमी आती तो थी आंखों में जलन होने के साथ-साथ सांस लेने में कठनाई आती है।

• वायु प्रदूषण से पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होती है। जिस कारण से सूरज की किरणों से आने वाली गर्मी से कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइड पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता जोकि हानिकारक है।

• वायु प्रदूषण होने पर अम्लीय वर्षा का घातक परिणाम हो सकता है। क्योंकि बारिश का पानी वायु में उपस्थित सल्फर डाइऑक्साइड नाइट्रोजन ऑक्साइड और अन्य जहरीली गैस से पानी में घुलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में वर्षा होने पर फसलों और पेड़ पौधों के साथ साथ इमारतों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

२. जल प्रदूषण। essay on water pollution in hindi (Jal Pradushan Par Nibandh In Hindi)

जब शुद्ध जल में उपस्थित तत्वों के अलावा अन्य अवांछित दूषित एवं घातक तत्व का मिल जाने के बाद अगर वह पीने योग्य ना रहे तो उसे जल प्रदूषण कहते है।

जल प्रदूषण के कारण। Due to water pollution

• मनुष्य द्वारा नदियों तालाबों में मल त्याग करना एवं कपड़े धोना और जानवरों को स्नान कराना

• साफ सफाई और  सीवर लाइन का सही जगह निकासी न करवाना

• कल कारखानों औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित व जहरीले पानी की निकासी नहरों ,तालाबों और नदियों में विसर्जन करना

• मनुष्य द्वारा कूड़े-कचरे एवं घरेलू सामग्री को नदियों और तालाबों के जल में छोड़े जाने से तथा गंदे नालों और सीवरों का पानी नदियों में प्रवाहित करने से होता है।

जल प्रदूषण के प्रभाव।Effects of water pollution In Hindi

• जल दूषित के कारण मनुष्य तथा पक्षी पक्षियों की स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था साथ ही कई तरीके की बीमारियां उत्पन्न हो जाती जैसे टाइफाइड,पीलिया, हैजा

• जल के दूषित होने से पेड़ पौधे और फसलों को भारी क्षति होती है।

• पानी के दूषित होने से पानी की कमी उत्पन्न हो जाती है। क्योंकि दूषित पानी का प्रभाव जमीन के अंदर हिस्से में उपस्थित जल को भी दूषित कर देता है।

3. भूमि प्रदूषण । essay on land pollution in hindi

भूमि प्रदूषण का मतलब है। अवांछित जहरीले पदार्थों और अनुपयोगी पर्दार्थो को भूमि में दबाने देने से होता है। जिसे भूमि की मिट्टी की गुणवत्ता क्षमता प्रभावित होती है। जिसकी घातक परिणाम हो सकते है। वर्तमान समय में भूमि के प्रति प्रदूषण में लापरवाही बरती जा रही है।।

कई बार देखा जाता है। रासायनिक एवं जहरीले पदार्थों के अलावा प्लास्टिक की चीजों को भूमि में दबा दिया जाता है। जिससे भूमि में उपस्थित पोषक तत्व नष्ट हो जाते है। जो कि पेड़-पौधों के लिए बहुत ही उपयोगी होते है।

भूमि प्रदूषण के कारण। Due to land pollution

• वर्तमान समय में कृषि में उर्वरक रसायन और कीटनाशक का अधिक प्रयोग

• मकान और लड़कों के मलबों को जमीन में दबा देने से

• वर्तमान समय में प्लास्टिक के अधिक उपयोग से तथा थैलियों के प्रचलन ने  थैलियों को जमीन में दबाने के बाद भी वह गलती नहीं है। जिससे भूमि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

भूमि प्रदूषण का प्रभाव।Effect of land pollution In Hindi

• कृषि के लिए भूमि की उपलब्धता कम हो जाएगी

• भूमि प्रदूषण के कारण उस से उपलब्ध होने वाले भोज्य पदार्थ या अन्य सामग्री भी दूषित होगी जिससे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा

4. ध्वनि प्रदूषण । Essay on noise pollution in hindi

ऐसी ध्वनि जिससे हमें चिड़चिड़ापन महसूस हो उदाहरण के लिए रेल का इंजन हवाई जहाज जनरेटर टेलीफोन और लाउडस्पीकर इन सभी की ध्वनि के कारण इन सभी ध्वनि के प्रभाव में लंबे समय तक रहने पर कम सुनना  चिड़चिड़ापन उच्च रक्तचाप और अन्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। इसी कारण इसे ध्वनि प्रदूषण की श्रेणी में रखा जाता है।

वर्तमान समय में ध्वनि प्रदूषण ज्यादा हो रहा है। इसका मुख्य कारण संसाधनों मोटर गाड़ियों का अधिक उपयोग रेलगाड़ी और हवाई जहाज में अत्यधिक शोर और  होरन के उपयोग तथा कल कारखानों में मशीन की तेज आवाज के कारण अशांति उत्पन्न हो गई है। जिसके कारण मनुष्य लंबे समय तक इस तरीके की ध्वनि में रहने से बहरापन चिड़चिड़ापन और सिरदर्द जैसी समस्याओं को उत्पन्न कर दिया है।

ध्वनि प्रदूषण के कारण

• तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाना, कल कारखानों से मशीनों से निकलने वाली आवाज सड़कों पर मोटर वाहनों से निकलने वाला होरन. यह कुछ मुख्य प्रदूषण है। जो भविष्य के लिए घातक हो सकते है। इसके लिए समय रहते उपाय न किए गए तो मानव जाति के जीवन पर खतरनाक परिणाम होंगे इसके लिए जागरूकता होना जरूरी है। साथ ही हमें इनको भविष्य के लिए सही रखने के लिए उपाय किए जाने चाहिए

पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध हिंदी में 100 शब्दों। Short Essay on environmental pollution 100 words in hindi.

प्रदूषण आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। जिसके कारण प्रकृति और मनुष्य तथा जीव जंतु पर विपरीत प्रभाव पड़ने लगा है। जिसका कारण मनुष्य की लापरवाही और नए-नए तकनीक और आविष्कारों के कारण हुआ है। प्रदूषण अलग-अलग प्रकार के होते है।

जैसे जल प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण पर्यावरण प्रदूषण होने से प्रकृति के साथ-साथ मनुष्य जीव जंतु में भी शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हो गई है। जिसका जल्दी से जल्दी कोई उपाय न किया गया तो यह मनुष्य जीवन के लिए घातक सिद्ध होगा भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हमें जिम्मेदारी लेनी होगी

प्रदूषण पर निबंध हिंदी में 250 शब्दों। Short Essay on environmental pollution 250  words in hindi.

वर्तमान समय में प्रदूषण मानव जाति के लिए घातक होता जा रहा है। जिसका जल्दी से जल्दी उपाय न किया गया तो मानवजाति का जीवन खतरे में पड़ सकता है।

नई नई तकनीकी उपयोग और मनुष्य की लापरवाही करने से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ गया है। जिस वजह से जल वायु प्रदूषित हो चुके है। वर्तमान समय में मोटर गाड़ियों के अधिक प्रचलन और कल कारखानों के द्वारा निकलने वाले धुए से वायु में जहर फैल गया है। पृथ्वी पर अत्यधिक गर्मी के प्रकोप के कारण गालेश्यर पर पड़ने लगा है।  जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ गया है। जिसका सबसे बड़ा कारण पोलूशन है।

प्रदूषण का असर पृथ्वी के बाहर उपस्थित ओजोन परत पर भी पड़ने लगा है। और उसमें बड़े-बड़े छेद हो गए है। जो हमारी पृथ्वी पर  आने वाली पराबैंगनी किरणों से रक्षा करती है। साथ ही पृथ्वी के अधिक गर्म होने का कारण पर्यावरण प्रदूषण ही है। जल और वायु दूषित हो जाने के कारण आज मनुष्य में शारीरिक समस्याएं दमा कैंसर चिड़चिड़ापन आदि समस्याएं उत्पन्न हो गई है।

आज पूरी वायु में जहर घुल चूका है। और हमे जहरीली वायु का सेवन कर रहे है। अगर इसके समय रहते उपाय न किए गए तो साँस लेना भी दूभर हो जायेगा साथ ही मनुष्य जीवन समाप्त हो जाएगा. इन सभी समस्याओं से बचने के लिए हमें स्वयं को पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण के साथ और के उसके नियम के अनुसार चलना होगा

ये था paryavaran pradushan essay in hindi दोस्तों यह था प्रदूषण पर निबंध उम्मीद करता हूं आपको मेरा निबंध प्रदूषण पर निबंध हिंदी में Pollutions Essay In Hindi जरूर पसंद आया होगा अगर पसंद आये तो जरूर बताये। essay on pollution in hindi.

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